Jugni – The Soul Song

नाम जिसदा अनाम है अनाम होके वी नाम है  तेरे मेरे विच जो वसदी उस ज़ुगनी दी एहों दास्तान है घरों तों निकली ज़ुगनी छुट गया पिंड, ते भुल्ली सब नी  ज़ुगनी आ पहुँची मायानगरी  जित्थे किसे दा भी ख़ुद कुछ नी मैं, मेरा नी सब करदे जित्थे बस मैं ही मैं, ना कुछ आगे … Continue reading Jugni – The Soul Song

Ishq – The Ballad Of Love

दास्तान-ए-इश्क़ का भी है अजीब फ़लसफ़ा, बला भी दुआ लगे हो मय्यत् भी एक जश्न सा इश्क़बाज़ी में मुकम्मल  करते चलें हर काम को, वफ़ा, बेवफ़ाई से परे परवाज़ उसके नाम को ग़म को दरकिनार कर दूर कर शिकवा गिला, भले का तो भला है ही तू कर बुरे का भी भला कुछ कुफ़्र से … Continue reading Ishq – The Ballad Of Love

Eternal Flame of Love

तुझ बिन पिया जाऊं कहाँ तेरे रंग में रंगा है ये सारा जहाँ तन-मन तेरे प्रेम में समाए चादर-झोला सब तुझसे पाए दुनिया कहे, "बैरन है ये प्रीत" पर मैं जानूं, ये ही तो है सच्ची रीत ज्यूं नैनन में ख्वाब तुझसे जुड़े यूँ तू समाया, मेरे रोम रोम में, रूह में बसा तेरा प्रणव … Continue reading Eternal Flame of Love

Light My Heart

मौला मौला, मेरे मौला मौला ओ मौला किस मुख से तेरी इबादत करूँ ओ मेरे मौला तेरी रंगोबू से सजी जो हयात थी वो अब खाक होती जा रही है सुबह-शाम हवा में जहर, पानी भी नापाक धरती पे जंग, बेगैरत हो चुके हैं लोग तमाम मादर-ए-वतन की इज़्ज़त अब शर्म से परे  "धर्म" के … Continue reading Light My Heart

Whispers Of Eternity

एक बज़्म ये उसके है नाम मुल्ला, काज़ी, पंडित, पाजी  हर रोज़ पढ़ें उसका कलाम जिसके जग में लाखों हैं नाम फिर भी बशर न समझे अपना वजूद, अपना असली धाम सुबह-शाम दर-दर भटके आख़िर सबका वही अंजाम शून्य से जन्मी है ये दुनिया तमाम शून्य में ही मिलती है ढलती शाम मूल से जुड, … Continue reading Whispers Of Eternity

The Eternal Quest

तू कुजा मन कुजा मन कुजा तू कुजा मजाज़ी में, हक़ीक़ी में फ़र्क क्या है ये बता मैं शब-ए-फ़िराक़ तू ख़्वाब-ए-विसाल मेरे स्याह बादबान पे है तेरा रंग-ए-जमाल मैं पैरहन-ए-दरवेश तू ताज-ए-शहंशाह मैं सजदा-ए-सवाली तू रहमत-ए-ख़ुदा मैं सवाल-ओ-ज़वाल तो तू जवाब-ओ-उरूज़ रहमोकरम तेरा बहता चले बन दरिया-ए-नूर बदस्तूर तू कुजा मन कुजा मन कुजा तू … Continue reading The Eternal Quest

Longing

लिए इन भीगे नैनन में पिया की उजली छाप, बिरह की कारी रैना में जिया रोशन उनके साथ ज्यों चंदा और चकोरी यों दिया संग बाती, राधा का नंद का ग्वाला और ब्रज की हर गोपी ओ रे बदरा बावरे क्या तुम आए परदेस से, मोरे पी ने तुम्हरे हाथों क्या भेजा कोई संदेस रे … Continue reading Longing

“मत सहल हमें जानो, फिरता है फलक बरसों; तब ख़ाक के पर्दे से इंसान निकलते हैं” – मीर तकी मीर (खुदा ए सुखन)

"There is a kind of sadness that comes from knowing too much, from seeing the world as it truly is. It is the sadness of understanding that life is not a grand adventure, but a series of small, insignificant moments, that love is not a fairy tale, but a fragile, fleeting emotion, that happiness is … Continue reading “मत सहल हमें जानो, फिरता है फलक बरसों; तब ख़ाक के पर्दे से इंसान निकलते हैं” – मीर तकी मीर (खुदा ए सुखन)

For The Free Flying Falcon

इकरार और इजहार के बीच जो वो एक दयार है उस मरुस्थल पे इस कम्बख्त दिल की एक बेनूर सी मजार है दर्दे दिल के अनकहे किस्सों से मैं रोज़ उसे सींचता हूं गुजरे लम्हों के वाकयात से मैं शबो रोज़ उन्हें वक्त के पहिए पे हौले हौले पीसता हूं चंद रोज़ पहले दूर देस … Continue reading For The Free Flying Falcon

Ode To The One I Love

ख़्वाबों को  ख्वाहिशों को बीते लम्हों को,  भूले वादों को ज़हन में आते  रूह को भाते, उड़ते फिरते  से उन अरमानों को उस वादी की धुँधली सी यादों को, और वो खूँटी पे टंगा तुम्हारा ग़ुस्सा,  ले चलें साथ उसे भी सिगरेट के साथ जो ख़ाक हुई  तड़के तक जलती रही, फिर सहर के उजाले … Continue reading Ode To The One I Love

Yoga – Philosophy vs Practice

योगश्चित्तवृत्तिनिरोध:  कहाँ ये कम्बख्त दिल बेताब है हज़ारों ख़्वाहिशें लिए  सुकून को करता तलाश, कर बग़ावत दिल से हम  अपनी ही फ़ाकामस्ती में  फ़क़ीर बन कब़ीर बन  लाएँगे एक रोज़ इंक़लाब… Yoga is restraining the mind-stuff from taking various forms. But there are a thousand desires, yet the impatient heart looks for peace. But now … Continue reading Yoga – Philosophy vs Practice

Ode To The Self

वो बूझें हैं तू कौन है  तेरा धर्म क्या, तेरी जात क्या  रूतबा नहीं, रूपया नहीं  है तेरी भी औक़ात क्या नाम, धर्म, जात, धन  बना रहे हैं जो मुद्दा  कैसे भला वो समझेंगे सिद्धार्थ कैसे बना बुद्धा सोचूँ मैं कि कैसे कहूँ  पर चुप भी मैं कैसे रहूँ  मेरी बेख़ुदी क्या समझेंगे  ख़ुद का … Continue reading Ode To The Self

Ode To Humankind

जंगल जंगल, पर्वत पर्वत ढूँढे फिरे क्या दरबदर, क़ाबा, काशी, मंदिर, मस्जिद  सबकी ख़ाक छानता है, भँवरों के जैसे फिरे फूलों पे जाने क्या तलाशता है, कस्तूरी सी वो गंध है तुझमें ही ख़ुद को ही पर ना पहचानता है क्यूँ है तू ऐसे खोया सा  ख़ुद से ही रहता गुमशुदा, अपने भीतर देखा नाहीं … Continue reading Ode To Humankind

A Sonnet For Maya

बंजर पड़ी थी दिल की ये मट्टी अरमां थे कि फिर गुलज़ार हों ढूंढता फिरता था मैं नादान बहार को कभी इस गली तो कभी उस गली पुराने जख्म रिस्ते थे हुज़ूर मगर दिल को यकीन भी था ज़रूर बंजर मट्टी में गुलिस्तां खिलेगा हमराही एक ना एक रोज़ मिलेगा दबे पांव आयी जो तुम … Continue reading A Sonnet For Maya

The Electorate Song, India 2019

जय जय जय हो लोकतंत्र की  जय बोलना सबको आता है  सवाल के जवाब में  दोष औरों को दिया जाता है  गौ माता की जय है यहाँ  गौ रक्षा की वो करते बात  मारे कितने गौ वध के नाम पे  बढ़ता गया गौमाँस निर्यात  क्यूँकर हुआ पूछा जब तो  वही मिला फिर से जवाब  विरोधियों … Continue reading The Electorate Song, India 2019

Ode To Free Flowing Wind

हवा, हवा ऐ हवा कौन देस आई तू बता, उड़ती फिरे तू मनचली सी बता क्या है तेरा पता मेरे लिए पैग़ाम कोई लाई है तो मुझको सुना, मेरे घर का हाल दे कैसे हैं सब, मुझको बता सीली सीली सर्द सी है नमीं ये क्या उन पहाड़ों की, भीनी भीनी महकती ख़ुशबू मेरे बाग़ान … Continue reading Ode To Free Flowing Wind

Ode To The Himalayas

दिल ले चला है आज फ़िर  उस बेख़ौफ़ सी उड़ान पे, उड़ता फिरूँ आज़ाद मैं बेपरवाह इस जहान से वो विशालकाय पर्वत तेरे तेरी हसींन वो वादियाँ, याद है हमको बख़ूबी उस वादी से उठता धुँआ कैसे करूँ बयाँ मैं तेरे हुस्न को हिमालय, हूर से भी ख़ूबसूरत है तेरा ये गुलिस्तां कभी हौले से … Continue reading Ode To The Himalayas

The Song Of Life

ग़ज़ब तमाशा, अजब कहानी देखो रे भाई, सुनो ओ ज्ञानी राह भी वो, राही है जो  खेल खिलाड़ी, दामन चोली  अंत भी वो, आरम्भ है जो  आँख मिचोली ऐसी हमजोली सत से सत्य, सत्य की गाथा  नए रूप में गयी गढ़ी चित्त की सूखी भूमि पर जब  चेतना की ओस गिरी  कालचक्र शुरू हुआ तब  … Continue reading The Song Of Life

India, Pakistan – The Story Of Our Lives

बरसों पहले मेरे गाँव में बूढ़े पीपल की छाँव में  ईद दिवाली सब मनती थी  कलियाँ हर बगिया खिलती थी रूखी सूखी जैसी मिलती थी  रोटी पर सब में बँटती थी  एक रब के सब बन्दे सारे  नाम तरीक़े सबके न्यारे गंगा जमुना तहज़ीब पुरानी  रिश्ते थे फ़क़त सुर्ख़ रूहानि मंदिर मस्जिद में फ़र्क़ ना … Continue reading India, Pakistan – The Story Of Our Lives

For Palestine

आफ़ताब है रूह जब अपनी  रोशन करते चलें चलो उन मायूस स्याह गलियारों को  आशियाँ है वहाँ भी मेरे यार का  जहाँ देखूँ पाऊँ उसको वहाँ चलो एक चराग जलायें वहाँ  ग़मों अन्धेरों की है दहशत जहाँ  घोंसले बचाने में सब मसरूफ  अजब सी कश्मकश है वहाँ  दौड़ते भागते परेशाँ से  बदहवास बाशिंदे हैं बहुत  … Continue reading For Palestine

Ode To Baba Bulleh Shah

लोकीं तुरदे फिरदे काबा काशी ते जौंदे तीर्थ हज नूं जंगा, रंगा चे उलझे रेहंदे फतेह करदे इस फानी जग नूं अस्सां हारे हुयां दे कदमां ते जबीं धरदे ख़ाक विच पड़यां नूं औतों चुकदे अस्सी रोला पांदे बस एक नफ्स नाल मैं, मेरा दे अक्स नूं अप्पां कर दियो हलाल अस्सां एहों मना लित्ता … Continue reading Ode To Baba Bulleh Shah

For The Sons Of The Soil

किसान ते मोड़यां ते हैगी सारी धरती ने, ते किसान नूं क्यूंकर आपां कल्ला छड़ां उन धरती ते लालां नूं मिट्टी चे रुला दित्ते राजनीति माड़ी ने, बादशाहत हिंदू मुस्लिम करदी, ते किसान रब एक्कों हैगा केहेंदे नी ज़माना सानूं कमला केहंदा, ते अस्सी अन्नदाता वाहेगुरु केहंदे अस्सां किसानां नाल खड़े नीं इंकलाब जिंदाबाद। - पुष्पेंद्र राठी

The Carefree Self

"प्रेम रस में कुछ ऐसे डूबी है ये कश्ती ए ज़िन्दगी, राह राही, मंज़िल मुकाम कुछ नजर ही नहीं आता कम्भख्त" - पुष्पेंद्र राठी

Ode To Heer And Meera

माई ओ माई, क्युंकर कहूं मैं इस दिल की बात प्रेम रस में भीगे मन से यों जागे मोरे भाग मोरा प्रीतम, मोरा साजन, मोरा रांझा, मोरा बालम, मोरा कान्हा, मोरा साईं बीरह बीती, जग छूटा, उसने कुछ ऐसे प्रीत जगाई ढूंढत फिरी जिसको मैं मंदिर मस्जिद दिन रैन उस सांवरे से बावरे से लागे … Continue reading Ode To Heer And Meera